पीएम मोदी की अपील: अगले 1 साल तक इन चीजों से बचें – राष्ट्रहित में छोटे त्याग की पुकार
नई दिल्ली/हैदराबाद, 12 मई 2026 – प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 11 मई 2026 को तेलंगाना के सिकंदराबाद में एक जनसभा को संबोधित करते हुए देशवासियों से महत्वपूर्ण अपील की। पश्चिम एशिया (ईरान संकट) में चल रहे वैश्विक तनाव और तेल की बढ़ती कीमतों के कारण भारत की अर्थव्यवस्था पर पड़ रहे दबाव को देखते हुए पीएम मोदी ने ईंधन बचत, सोने की खरीदारी टालने, विदेश यात्राएं कम करने और स्वदेशी अपनाने जैसे उपाय सुझाए।
यह अपील विदेशी मुद्रा भंडार (फॉरेक्स) को बचाने और देश को आत्मनिर्भर बनाने के लिए की गई है। भारत 88% से ज्यादा कच्चा तेल आयात करता है, जिससे महंगाई और व्यापार संतुलन पर असर पड़ रहा है।
पीएम मोदी की मुख्य अपीलें – 1 साल तक क्या बचाएं?
प्रधानमंत्री ने व्यावहारिक और राष्ट्रहित वाले सुझाव दिए:
1. एक साल तक गैर-जरूरी सोना न खरीदें शादी-विवाह, त्योहार या निवेश के लिए अनावश्यक सोने की खरीदारी 1 साल तक टाल दें। सोने के आयात से विदेशी मुद्रा का भारी बहाव होता है। पीएम ने कहा कि यह राष्ट्रहित में छोटा त्याग है।
2. विदेश यात्राएं और विदेशी उत्सव टालें अनावश्यक विदेश यात्राएं, विदेशी छुट्टियां, डेस्टिनेशन वेडिंग और ओवरसीज वेकेशन 1 साल तक स्थगित करें। इसके बजाय भारत में ही पर्यटन को बढ़ावा दें। इससे फॉरेक्स की बचत होगी और स्वदेशी अर्थव्यवस्था मजबूत होगी।
3. ईंधन (पेट्रोल-डीजल) का सावधानीपूर्वक उपयोग करें
• पब्लिक ट्रांसपोर्ट, मेट्रो, कारपूलिंग या साइकिल का इस्तेमाल बढ़ाएं।
• जहां संभव हो, वर्क फ्रॉम होम (WFH), वर्चुअल मीटिंग और ऑनलाइन कॉन्फ्रेंसिंग अपनाएं (कोविड काल जैसा मॉडल)।
• सामान के परिवहन में रेलवे को प्राथमिकता दें।
• किसान डीजल पंप की जगह सोलर पंप अपनाएं।
4. खाने के तेल (एडिबल ऑयल) और आयातित वस्तुओं का उपयोग कम करें परिवार स्तर पर खाने के तेल का कम इस्तेमाल करें। जूते, बैग, एक्सेसरी जैसे रोजमर्रा के सामान में स्वदेशी (मेड इन इंडिया) प्रोडक्ट्स को प्राथमिकता दें।
5. रासायनिक खादों पर निर्भरता घटाएं
किसानों से अपील की गई कि रासायनिक उर्वरकों का उपयोग कम करें (50% तक) और प्राकृतिक खेती अपनाएं। सरकार पहले की तरह सब्सिडी दे रही है। 
संकट का कारण और संदर्भ
पश्चिम एशिया में ईरान युद्ध के चलते वैश्विक तेल की कीमतें बढ़ी हैं। पीएम मोदी ने कहा कि सरकार प्रयास कर रही है, लेकिन नागरिकों का सहयोग जरूरी है। उन्होंने इसे देशभक्ति का नया रूप बताया – युद्ध में बलिदान नहीं, बल्कि संकट में जिम्मेदारी।
प्रभाव और प्रतिक्रियाएं
भाषण के बाद ज्वेलरी शेयरों में गिरावट आई। कई लोगों ने इसे समय की मांग बताया, जबकि कुछ ने मध्यम वर्ग पर इसके प्रभाव पर चर्चा की। यह अपील अस्थायी है, जब तक वैश्विक स्थिति सामान्य न हो।
निष्कर्ष: आत्मनिर्भर भारत की दिशा में कदम
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संदेश स्पष्ट है छोटे-छोटे बदलाव से देश मजबूत बनेगा। स्वदेशी अपनाएं, संसाधनों का संरक्षण करें और आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को साकार करें।
हर भारतीय से अपील है कि अपनी दैनिक आदतों पर विचार करें और राष्ट्रहित में योगदान दें।
स्रोत: पीएम मोदी का सिकंदराबाद भाषण (11 मई 2026), द हिंदू, इंडियन एक्सप्रेस, सीएनबीसी, मनीकंट्रोल आदि.
